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देखें अनपढ़ किसान का देसी जुगाड़, खेतों की जुताई के लिए कबाड़ से बनाया

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विष्णुगढ़ (हजारीबाग): आवश्यकता अविष्कार की जननी होती है, इस कहावत को सच कर दिखाया है विष्णुगढ़ के उच्चघाना निवासी रमेश करमाली ने। उसके छोटे भाई ने दो भैंस बेच दी तो रमेश को खेती के लिए परेशानी होने लगी। खेती के लिए दूसरों से बैल मांगना पड़ता था। अनपढ़ रमेश ने महज आठ हजार रुपये जुगाड़ कर खेती ही नहीं शुरू की बल्कि पावर टीलर बनाकर खेती के लिए बैल और भैंसों का झंझट भी दूर कर दिया। यह चमत्कार कबाड़ में फेंके उस स्कूटर के इंजन से हुआ जिसे किसी ने उसे तीन हजार रुपये में कबाड़ के रूप में बेच दिया था। पेशे से मोटर मैकेनिक रमेश ने इसमें थोड़ा बदलाव किया और फिर घर में टीलर तैयार कर खेतों की जुताई शुरू कर दी। रमेश का पावर टीलर दस गुणा कम दर पर खेतों की जुताई कर रहा है। ढाई लीटर पेट्रेल में दस कट्ठा जमीन अर्थात पांच घंटे की भरपूर जुताई इस मशीन से की जा सकती है। रमेश की यह मशीन पूरे गांव के लिए प्रेरणादायी बन गई है।



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