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गृहवधू की हत्या के जुर्म में सश्रम आजीवन कारावास

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हावड़ा : चोरी करने के दौरान एक गृहवधू की नृशंस तरीके से हत्या करने के जुर्म में जिला अदालत के न्यायाधीश कौशिक भट्टाचार्य ने हत्यारे को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. दोषी हत्यारे का नाम दीपक सिंह (32) व मृतका का नाम राखी सिंह है. घटना 27 फरवरी, 2017 में बाली थाना अंतर्गत जीटी रोड स्थित एक आवसीय भवन में हुई थी. गुरुवार को दोषी को आइपीसी 302, 397 धारा के तहत सजा सुनायी गयी. यह जानकारी सरकारी सहायक वकील स्नेहमय मुखर्जी ने दिया.

श्री मुखर्जी ने बताया कि 27 फरवरी की शाम करीब साढ़े चार बजे राखी के घर दीपक पहुंचा. उसने बताया कि वह उसके पति मनोज सिंह के गांव का है और उससे मिलने आया है. राखी ने दीपक को घर के अंदर बुला कर बैठाया. नाश्ता भी कराया. इसके बाद वह अपनी बड़ी बेटी खुशी (6) को लेकर उसी अपार्टमेंट के निचले तल्ले में ट्यूटर के पास पहुंची और बेटी को छोड़ दिया. उसके साथ उसकी चार साल की छोटी बेटी भी थी.

दीपक घर पर ही था. करीब 20-25 मिनट के बाद राखी छोटी बेटी को लेकर घर पहुंची, तो उसने देखा कि दीपक आलमारी में रखे गहने व नकदी को निकाल रहा है. राखी अंचभित हो गयी. उसने विरोध जताते हुए पति को फोन करने लगी कि इसी समय दीपक ने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया. चीख-पुकार होते ही वह वहां से भाग निकला. भागने के समय उसने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया.

आस-पास के लोग राखी के घर तक पहुंचे. दरवाजा खोला. वह खून से लथपथ हालत में फर्श पर पड़ी थी. तुरंत उसे स्थानीय अस्पताल व बाद में एसएसकेएम रेफर किया गया, जहां उसी रात उसकी मौत हो गयी. घटना की शिकायत थाने में दर्ज करायी गयी. चूंकि हत्यारे को किसी ने देखा नहीं था, इसलिए पुलिस के लिए यह मामला आसान नहीं था.

घटना की जांच का जिम्मा खुफिया विभाग को भी सौंपा गया. सीसीटीवी फुटेज के सहारे हत्यारे दीपक को लिलुआ से गिरफ्तार किया गया. मृतका की दोनों बेटियों से हत्यारे की पहचान करायी गयी. उसके घर से चोरी के सारे सामान भी जब्त हुए. कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. 29 गवाहों के बयान पर गुरुवार उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी.

 



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