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हिमाचल प्रदेश में फंसे हैं लातेहार के 21 मजदूर, घर वापस आने तक का नहीं है पैसा

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लातेहार : लातेहार जिले के चंदवा थाना के 21 मजदूर पिछले जून माह से हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में फंसे हैं. संवेदक द्वारा उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है. इससे मजदूरों के पास पैसे की कमी हो गयी है, जिससे वह ट्रेन का टिकट तक नहीं कटा पा रहे हैं. मजदूरों ने मजदूरी का भुगतान कराने के लिए श्रम निरीक्षक, शिमला को भी आवेदन दिया है, लेकिन अभी तक उनकी बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है. 

क्या है मामला: जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के सुरली गांव के 21 मजदूरों को मजदूर कांट्रैक्टर राजेंद्र सिंह राणा (चंदना, शिमला) द्वारा ठेके पर स्वास्तिका टेले सोल्यूशन लिमिटेड (चंडीगढ़) की कंपनी में ट्रेंच खोदने के काम पर लगाया गया था.

इन मजदूरों को जियो फाइबर बिछाने के लिए हिमाचल प्रदेश के तहसील शादुलपुर, जिला सोलन में ट्रेंच खोदने के अलावा विभिन्न कार्यों में लगाया गया, जिसकी कुल मजदूरी 5,83,310 रुपये होती है. लेकिन स्वास्तिका टेले सोल्यूशन लिमिटेड व कांट्रैक्टर राजेंद्र सिंह राणा द्वारा मजदूरों का मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है. रुपये मांगने पर बार-बार टाल-मटोल किया जा रहा है.

लेबर निरीक्षक ने हाजिर होने का दिया था निर्देश

मजदूरों द्वारा लेबर निरीक्षक को आवेदन दिये जाने के बाद लेबर निरीक्षक ने 30 नवंबर 2019 को उनके कार्यालय में कांट्रैक्टर राजेंद्र सिंह राणा को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था, लेकिन कांट्रैक्टर उपस्थित नहीं हुए.

ये मजदूर हैं फंसे, परिजन कर रहे इंतजार

अर्जुन यादव, धनुलाल उरांव, संतोष गंझू, मंटू लोहरा, ननकू गंझू, नरेश उरांव, सुरेंद्र उरांव, रामलाल उरांव, रामेश्वर उरांव, महेंद्र उरांव, कुंवर उरांव, रामदयाल उरांव, सामदेव उरांव, रवींद्र गंझू, पिंटू कुमार, नंदकिशोर गंझू, द्वारिका गंझू, गनू गंझू व रामलाल गंझू.



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