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सामूहिक बलात्कार के विरोध में सैकड़ों लोग पटना में सड़कों पर उतरे, दो आरोपित ने किया सरेंडर

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पटना : राजधानी पटना में हफ्ते के शुरू में 20 साल की एक युवती के साथ हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के विरोध में शुक्रवार को सड़क पर उतरे सैकड़ों लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें छोड़ीं. प्रदशर्नकारियों में अधिकतर पटना विश्वविद्यालय के विद्यार्थी थे. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि कुछ दिन पहले उसके साथ बलात्कार करनेवाले सभी चारों आरोपित उसके परिचित हैं. 

युवती का आरोप है कि दोबारा बलात्कार करने से कुछ महीने पहले भी आरोपितों ने उसका यौन शोषण किया था. महिला थाने की प्रभारी आरती कुमारी जायसवाल ने कहा, ''लड़की पाटलीपुत्र पुलिस थाना क्षेत्र में रहती है. प्राथमिकी में उसने आरोप लगाया है कि चार लड़कों ने शहर के गांधी पथ इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट के आउटहाउस में उसका यौन उत्पीड़न किया. चारों पूर्व में उसके साथ ही पढ़ते थे.'' जायसवाल ने कहा, ''उसने (लड़की) बताया कि अक्टूबर में लड़कों ने उसे मजबूर किया और इस कृत्य की फिल्म बनायी तथा वे लोग यौन इच्छा के लिए उसे ब्लैकमेल करते थे. उन्होंने कहा, ''नौ दिसंबर की रात जब एक बार फिर उसके (लड़की) साथ बलात्कार हुआ, तो उसने पुलिस में जाने का निर्णय किया.'' 

थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता ने चारों आरोपितों के नाम, पता और मोबाइल नंबर पुलिस को दे दिये. आरोपित फिलहाल फरार हैं और उनका फोन बंद है. जायसवाल ने कहा, ''आरोपितों को पकड़ने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं. इस बीच, पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है और इस बारे में हम रिपोर्ट आने के बाद ही विस्तार से कहने में सक्षम होंगे.'' पीड़िता के बारे में कहा जा रहा है कि वह पटना विश्वविद्यालय की छात्रा है, क्योंकि परिसर में यह समाचार जंगल में आग की तरह फैल गया और सैकड़ों युवक युवतियां सड़कों पर आ गये. उन्होंने शहर के करगिल चौक पर धरना दिया तथा आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. 

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष मनीष कुमार यादव ने कहा, ''इस कुकृत्य को अंजाम देनेवाले भी विश्वविद्यालय के छात्र हैं और तत्काल प्रभाव से उन्हें निष्कासित करना हमारी मांग है. विवि प्रशासन की उदासीनता से हम चिंतित हैं.'' यादव ने कहा, ''लड़की जिस कालेज में पढ़ती है, उसके प्राचार्य ने कहा है कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है.'' घटना के विरोध में सड़कों पर उतरी छात्राएं ''हम न्याय चाहते हैं'' तथा ''आरोपितों को फांसी पर लटकाया जाना चाहिए'' जैसी नारेबाजी कर रही थीं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से अपना आंदोलन वापस लेने की अपील की. छात्रों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और उनमें से कुछ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया.

छात्रों ने पुलिस पर आरोपितों को बचाने का आरोप भी लगाया. प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज एवं पानी की बौछार छोड़े जाने के बाद यातायात सामान्य हो सका. मौके पर बड़ी तादाद में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि दोबारा ऐसे हालात पैदा नहीं हों. इस बीच, पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपितों में से दो मनीष और विपुल ने खुद को निर्दोष बताते हुए अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है और जांच में पूरा सहयेाग करने का वादा किया है.

माता-पिता को दी पूरी घटना की जानकारी

गैंगरेप के कारण छात्रा की तबीयत खराब होने लगी. छात्रा को बुखार के साथ ब्लीडिंग होने लगी. उसके बाद उसने पूरी घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी. बेटी के साथ गैंगरेप के बाद आक्रोशित माता-पिता ने पहले 100 नंबर डायल पर फोन कर सूचना दी. पीड़ित छात्रा पाटलिपुत्र थाने पहुंची, जहां से लेडीज पुलिसकर्मियों के साथ उसे महिला थाने रेफर किया गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्रा का मेडिकल टेस्ट कराया, जहां रेप की पुष्टि हुई है. फिलहाल छात्रा शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रही है. परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए महिला थाने की एसएचओ व एसएसपी से गुहार लगायी है.



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