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खाड़ी में तनावपूर्ण स्थिति, युद्ध जैसे हालात, भारत का युद्धपोत तैनात

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ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद अमेरिका और ईरान के बीच उपजे तनाव ने मध्यपूर्व और पश्चिमी एशिया के क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बना दिये हैं. अपने दूसरे शक्तिशाली नेता की मौत का बदला लेने के लिए ईरान के कड़े संकल्प और इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की यह धमकी कि वे ईरान के 52 सांस्कृतिक ठिकानों को नष्ट कर डालेंगे, ने तनाव को और भड़काने का काम किया है. 

इधर, भारतीय नौसेना ने किसी भी संभावित स्थिति में प्रभावी रूप से प्रतिक्रिया देने के उद्देश्य से खाड़ी क्षेत्र में अपने युद्धपोत तैनात कर दिये हैं. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. नौसेना ने कहा कि क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने, भारतीय व्यापारियों को आश्वासन देने, वर्तमान स्थिति पर निगरानी रखने और किसी भी संभावित खतरे पर प्रतिक्रिया देने के लिए युद्धपोत और युद्धक विमान तैनात किये गये हैं. 

ईरान के खिलाफ अमेरिका के इस कदम के विरोध में रूस, चीन जैसी महाशक्तियां खुल कर आ गयी हैं. फ्रांस और जर्मनी जैसे देश भी ट्रंप के इस कदम से खुश नहीं हैं. ब्रिटेन ने अमेरिका का साथ देते हुए अपना एक युद्ध पोत खाड़ी की ओर रवाना भी कर दिया गया है. इधर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने एक बयान जारी कर कहा है कि हम अमेरिकी शासन को चुनौती देते हैं कि किसी भी नये दुर्भावनापूर्ण कृत्य या हमलावर गतिविधि का अंजाम और भी अधिक दर्दनाक तथा विनाशकारी होगा. कहा कि हम अमेरिका को आधार उपलब्ध कराने वालों को भी निशाना बनाया जायेगा.  

अगर अमेरिका और रूस को किसी तरह का नुकसान हुआ तो परिणाम भयंकर हो सकते हैं, जरूरत पड़ने पर इस्राइल भी कार्रवाई करने में है सक्षम

ईरान संकट बढ़ा तो हो सकता है युद्ध, मिडल-ईस्ट कंट्रीज भी हैं ईरान के टारगेट

बदले की संभावित कार्रवाई, सभी देशों ने कर रखी है एक-दूसरे के विरुद्ध हमले की तैयारी 

ईरान

यूएस इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर अटैक, ड्रोन्स और जहाजों पर मिसाइल अटैक को तैयार

सीरिया

ईरानी मिलिशिया समूहों द्वारा यूएस पर हमला, इस्राइल पर कर सकता है रॉकेट अटैक

इराक

अमेरिकी ठिकानों पर रॉकेट हमला, एंबेसी पर फिर अटैक की आशंका 

सऊदी अरब

तेल के कुओं पर रॉकेट/ड्रोन स्ट्राइक

होर्मुज की खाड़ी में जहाजों पर हमला

यमन

सऊदी सेना पर बढ़ सकता है हमला, तेल पाइप लाइनों पर ड्रोन से अटैक 

इस्राइल

सीरिया की तरफ से रॉकेट अटैक, ईरान से भी एयर/मिसाइल स्ट्राइक की आशंका

100 से ज्यादा यूएस सैन्य बेस से घिरा है ईरान

60-70 हजार जवान तैनात हैं इन बेसों पर

1.20 लाख जवानों को खाड़ी देशों में भेजने का विचार कर रहा पेंटागन

ईरान चारों तरफ से घिरा है यूएस आर्मी से 

बहरीन 7000 

इराक 5200

जॉर्डन 2795

कुवैत 1300

कतर 13000

सऊदी अरब 3000

यूएइ 5000

अफगानिस्तान 14000

अमेरिका के साथ हैं

इंग्लैंड, 

फ्रांस

सऊदी अरब

जॉर्डन

यूएइ

इस्राइल

ईरान को इनका साथ

यमन

लेबनान

सीरिया 

फिलीस्तीन

चीन और रूस ने सुलेमानी की हत्या का जताया है विरोध, अमेरिका को शक्ति प्रदर्शन में संयम बरतने की दी है सलाह

अमेरिका से डरते नहीं, हाथ काटा है, पैर काटेंगे : रूहानी

तेहरान. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुधवार को कहा कि हम अमेरिका से डरते नहीं हैं. उन्होंने (अमेरिका) हमारे प्रिय सुलेमानी के हाथ काट दिये. उनके लिए बदला यह होगा कि क्षेत्र से अमेरिका के पैर काट दिए जायें. इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमलों के कुछ घंटों बाद रूहानी ने कहा कि यदि अमेरिका ने अपराध किया है... तो उसे पता होना चाहिए कि उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा. यदि उसमें अक्ल होगी तो इस समय वह कोई दूसरी कार्रवाई नहीं करेगा. 

पाक अपनी जमीन का नहीं करने देगा इस्तेमाल : गफूर

पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता और इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (आइएसपीआर) के महानिदेशक मेजल जनरल आसिफ गफूर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पाकिस्तान किसी भी दूसरे देश को किसी अन्य देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा और क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति कायम रखने में भूमिका निभाना जारी रखेगा. डॉन न्यूज के मुताबिक, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने माना है कि सुलेमानी की मौत के बाद क्षेत्र की स्थिति बदल गयी है. 

भारत भी नहीं रहेगा अछूता, हाेंगे बड़े असर 

अमेरिका-ईरान विवाद का पहला असर दुनिया के तेल बाजारों पर पड़ना शुरू हो गया है. भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा. 

तेल की कीमतों में उछाल, सप्लाई बाधित होने की आशंका, शेयर बाजार में अनिश्चितता, सोने के दाम में उछाल की आशंका 

महंगाई हो जायेगी बेकाबू, बढ़ जायेगा वित्तीय घाटा, पांंच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य नहीं होगा पूरा

घर लौट आयेंगे खाड़ी देशों से लोग, बढ़ेगी बेरोजगारी, घटेगा विदेशी मुद्रा भंडार 

निवेश पर पड़ेगा असर, निर्यात पर असर

विमान हादसा : ब्लैक बॉक्स देने के ईरान के इंकार से गहराया शक 

तेहरान . ईरान में हुए विमान हादसे को लेकर शंकाएं गहराती जा रही हैं. हादसे में 176 लोगों की मौत हुई है, लेकिन अभी तक दुर्घटना के पीछे स्पष्ट कारण को नहीं बताया गया है. अब एक मीडिया समूह ने दावा किया है कि यह विमान ईरान की खुद के मिसाइल हमले से ही गिरा है. यह शक इसलिए भी गहराता जा रहा है क्योंकि ईरान ने विमान का ब्लैक बॉक्स विमान निर्माता कंपनी और अमेरिकियों को देने से इंकार कर दिया है. 

रूस ने परमाणु हमले की आशंका जतायी, कहा- संयम रखें देश

इस बीच, रूस के सांसद व्लादिमीर दिजाबारोव ने परमाणु हमले की आशंका जतायी है. दिजाबारोव ने कहा कि अमेरिका और ईरान का एक दूसरे के खिलाफ हमला युद्ध का संकेत है. अमेरिका अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया तो परमाणु हमला हो सकता है.



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