loader

अब बीमार नहीं बीसीसीएल, ढाई हजार करोड़ के कर्ज से मुक्ति

Foto

मंगलवार कोल इंडिया के लिए मंगलकारी दिन साबित हुआ। ढाई हजार करोड़ के कर्ज से बीसीसीएल को मुक्ति मिल गई। 2539 करोड़ रुपये के गैर-परिवर्तनीय, रिडीमेबल प्रीफ़रेंस शेयरों को इक्विटी शेयरों में परिवर्तित करने की मंजूरी बीसीसीएल ईओजीएम ने दे दी। इसके लिए मंगलवार को कोयला भवन में एक्सट्रा आर्डिनरी जनरल मीटिंग(ईओजीएम) का आयोजन किया गया था। कोल इंडिया से हरी झंडी मिलने के बाद बीसीसीएल ईओजीएम ने यह निर्णय लिया।
अब बीसीसीएल पर कोई कर्ज नहीं रहा। इक्विटी शेयर में परिवर्तित होने के बाद बीसीसीएल को दो किस्त में 888.65 करोड़ रूपए कोल इंडिया को चुकाना है। 50% राशि 2020-21 में तथा 50 %राशि 2021-22 में देनी होगी। इसके बाद बीसीसीएल का बैलेंस सीट पूरी तरह क्लियर हो जाएगा। बीसीसीएल के निदेशक वित्त समिरन दत्ता ने इसे कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि बताई। कहा कि स्थापना काल से पहलीबार बीसीसीएल डिविडेंट (लाभांश) का भुगतान करेगी। 1972 से अब तक बीसीसीएल ने केंद्र को कभी लाभांश का भुगतान नहीं की है।
मालूम हो बीआईएफआर से बाहर निकलने के लिए बीसीसीएल ने कोल इंडिया से कर्ज लिया था। यह रकम बीसीसीएल के उपर बोझ था। एक तरफ कंपनी आर्थिक मोर्चे पर संघर्ष कर रही है तो दूसरी तरफ कोल इंडिया की ओर से दी गई रकम कंपनी के उपर कर्ज के रूप में थी। बीसीसीएल की खराब हालत को देखते हुए पूर्व में कर्ज की रकम को प्रीफरेंस शेयर के रूप में तब्दील कर दिया गया था। हालांकि इससे बीसीसीएल को कोई खास राहत नहीं मिली थी। अब इक्विटी में तब्दील किए जाने से बीसीसीएल की बल्ले-बल्ले हो गई है। 888.65 करोड़ चुकाने के बाद कंपनी के उपर कोई देनदारी नहीं रहेगी।
वर्जन
बीसीसीएल के लिए बड़ी उपलब्धि है। पहलीबार डिविडेंड भुगतान करने की स्थिति बनी है। कंपनी के उपर कोई कर्ज भी नहीं होगा। दो किश्तों में प्रीफरेंस शेयर का ब्याज कोल इंडिया को चुका देंगे।
-समिरन दत्ता,निदेशक वित्त,बीसीसीएल  



Comments







बॉयोस्कोप

सिटी

प्रदेश