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UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर IPS बनना चाहती है बिहार बोर्ड टॉपर नेहा कुमारी

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बिहार में गोपालगंज जिले के बलिवन सागर गांव की नेहा कुमारी ने इंटर साइंस की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। साइंस में नेहा कुमारी 476 अंक (95.2 फीसदी) लाकर सूबे में अव्वल रही। गांव के हजारीमल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा नेहा की सफलता पर जिलेवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उसके पिता  व गांव के मिडिल स्कूल के शिक्षक ओम प्रकाश गिरि ने बताया कि उन्हें अपनी पुत्री की शानदार सफलता पर गर्व है। वह बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की मेधावी छात्रा रही है। नेहा ने बताया कि उन्हें अच्छे मार्क्स मिलने की उम्मीद तो थी, लेकिन टॉपर होने के बारे में कभी सोचा नहीं था।

कहा कि नियमित पढ़ाई व पढ़े हुए विषयों के रिवीजन से उन्हें यह सफलता मिली है। वह आगे आईपीएस बनकर देश की सेवा करना चाहती है।019 की अपेक्षा .68% अधिक रिजल्ट

इस बार 2019 के रिजल्ट की अपेक्षा  0.68 फीसदी अधिक है। 2019 में 79.76 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। पिछले साल की तरह इस बार भी टॉपरों को 90 फीसदी से अधिक अंक आए हैं। तीनों संकायों में गांव-कस्बों के विद्यार्थियों ने टॉप किया है। बोर्ड ने तीनों संकाय के टॉप पांच का नाम दिया है। टॉप पांच में विज्ञान संकाय में 16, कला संकाय में आठ, कॉमर्स संकाय में 10 टॉपरों के नाम दिये हैं। इस बार के रिजल्ट में तीनों संकाय मिलाकर कुल 12 लाख 04 हजार 834 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें छह लाख 56 हजार 301 छात्र और पांच लाख 48 हजार 533 छात्राएं शामिल हुए। बोर्ड की मानें तो प्रथम श्रेणी में चार लाख 43 हजार 284, द्वितीय श्रेणी में चार लाख 69 हजार 439 और तृतीय श्रेणी में 56 हजार 115 विद्यार्थी शामिल हैं।

कोरोना वायरस को लेकर रिजल्ट सीधे बिहार बोर्ड की वेबसाइट पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर द्वारा जारी किया गया हैं। बोर्ड की वेबसाइट onlinebseb.in और biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी किया गया है। हालांकि, इस बार शिक्षक हड़ताल के कारण बोर्ड के पास मूल्यांकन की बड़ी चुनौती थी। बावजूद बोर्ड ने पिछले साल की अपेक्षा रिजल्ट पहले दिया।

2019 की अपेक्षा छह दिन पहले जारी हुआ रिजल्ट
बिहार बोर्ड ने इस बार पिछले साल की अपेक्षा छह दिन पहले रिजल्ट दिया है। 2019 में जहां 30 मार्च को इंटर का रिजल्ट आया था। वहीं, 2020 में रिजल्ट छह दिन पहले 24 मार्च को जारी किया गया हैं। बोर्ड की मानें तो इस बार सॉफ्टवेयर के कारण रिजल्ट जल्दी जारी किया गया। प्रोसेसिंग की गति 2019 के सॉफ्टवेयर की तुलना में 16 गुणा अधिक है। यह सॉफ्टवेयर भी देश में पहली बार बिहार बोर्ड द्वारा तैयार कराया गया है।



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