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गुड़गांव रैपिड मेट्रो में हो सकता है बड़ा बदलाव, सुरक्षा का जिम्मा हरियाणा पुलिस को देने की तैयारी

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कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में आने के बाद गुड़गांव रैपिड मेट्रो का दोबारा संचालन शुरू होने पर कुछ अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रदेश सरकार की ओर ओर रैपिड मेट्रो की सुरक्षा हरियाणा पुलिस को सौंपने की तैयारी चल रही है। हालांकि, इस पर अभी तक फैसला लिया जाना बाकी है। गत माह हुई हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचएमआरटीसी) की बोर्ड मीटिंग में इस पर चर्चा हुई। इस योजना को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा चा चुका है। उनसे हरी झंडी मिलने के बाद इसका फैसला लिया जाएगा। अक्टूबर 2019 में रैपिड मेट्रो के संचालन की कमान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को सौंप दी गई थी। अभी यहां निजी कंपनी के कर्मचारी ही मेट्रो की सुरक्षा में तैनात हैं। खर्च काफी अधिक एचएमआरटीसी के अधिकारियों के अनुसार सीआईएसएफ को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए अपने खर्च का ब्योरा देने को कहा कहा गया था। अधिकारियों के अनुसार सीआईएसएफ ने मेट्रो सुरक्षा के लिए प्रत्येक माह आठ से दस करोड़ रुपये का खर्च आने का ब्योरा उन्हें सौंपा है। यह काफी ज्यादा है। इस मुद्दे को एचएमआरटीसी की बोर्ड मीटिंग में रखा गया था। रैपिड मेट्रो के 11 स्टेशन सूत्रों के अनुसार रैपिड मेट्रो की सुरक्षा संभालने का जिम्मा हरियाणा पुलिस को मिल सकता है। बता दें कि साइबर सिटी में चलने वाली रैपिड मेट्रो का कुल 12 किमी लंबा कॉरिडोर है। इस पर 11 स्टेशन बने हुए हैं। इनमें साइबर सिटी बेलवेडेयर टावर, सिकंदरपुर, मौलसरी एवेन्यू, सेक्टर 55-56 जैसे व्यस्त स्टेशन शामिल हैं। ''सीआईएसएफ का खर्च महंगा होने के चलते बैठक में सरकार की ओर से हरियाणा पुलिस को रैपिड मेट्रो की सुरक्षा में लगाने पर विचार किया गया है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अभी इस पर सहमति नहीं दी है।'' - वी.एस. कुंडू, अतिरिक्त मुख्य सचिव



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