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नेपाल की धरती पर किया कब्जा... अब भारत के खिलाफ बच्चों के दिमाग में जहर घोलेंगे ओली

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नेपाल की केपी ओली सरकार भारत के खिलाफ अपने एजेंडे पर कायम है। पहले उसने भारतीय इलाकों कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल कर लिया और अब उल्टे इस विवाद के जरिए बच्चों के दिमाग में भारत के खिलाफ जहर घोलने में जुट गया है। कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए एक पाठ्यपुस्त तैयार की गई है, जिनमें उन्हें पढ़ाया जाएगा कि भारत ने नेपाल की भूमि पर कब्जा कर रखा है। माना जा रहा है कि चीन के इशारे पर नेपाल भारत को लेकर नई पीढ़ी की सोच बदलने में जुट गया है। नेपाली न्यूज वेबसाइट कांतिपुर की एक खबर के मुताबिक 'नेपाल का भूभाग और सीमा संबंधी स्वाध्याय सामग्री' किताब को स्कूल स्तर पर पढ़ाया जाएगा। स्व-अध्ययन सामग्री को पाठ्यक्रम से जोड़ा जा सकता है। पाठ्यक्रम विकास केंद्र ने कहा है कि पुस्तक नेपाल के क्षेत्र और सीमाओं के बारे में जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री गिरिराज मणि पोखरेल ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में किताब का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि पुस्तक नेपाल के निर्माण और एकीकरण, पड़ोसी देशों के साथ संबंधों, उन स्थानों पर जहां सीमा और विवाद हैं और विवादों के समाधान के बारे में छात्रों को सूचित करने के लिए है। उन्होंने कहा, "पुस्तक का उद्देश्य सीमाओं की रक्षा और प्रबंधन के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और विचारों को विकसित करने में मदद करना है और देश की भौगोलिक अखंडता को बरकरार रखना है।" पाठ्यक्रम विकास केंद्र महानिदेशक केशव दहल ने कहा कि नेपाल की उत्तर-पश्चिमी सीमा में लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख सहित नेपाली भूमि पर भारत का अतिक्रमण और उससे जुड़े ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप तथ्यों को पुस्तक में शामिल किया गया है। हालांकि, किताब में इस बात का जिक्र नहीं किया गया है किस तरह चीन धीरे-धीरे नेपाल के भूभाग को हथिया रहा है। चीनी घुसपैठ से आंख मूंदकर लिखी गई किताब में भारत के साथ सीमा विवाद को ही प्रमुखता दी गई है। इससे पहले नेपाल ने भारतीय इलाकों कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने राजनीतिक नक्शे में शामिल कर लिया था।



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