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मुख्यमंत्री के तल्ख तेवर के बाद 37 कर्मचारियों की सेवा समाप्त, प्रदीप ने बनाया था मुद्दा

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गोड्डा: नियमों की अनदेखी कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में नौकरी हथियाने वाले 37 कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। उनकी नियुक्ति गत वर्ष हुई थी। इस मामले को लेकर पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने नियुक्ति में हुई अनियमितता पर विधानसभा में सवाल उठाया था। इसकी जांच के लिए जिला स्तर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई थी। इसके बाद डीसी भोर सिंह यादव ने जांच कमेटी की अनुशंसा के बाद एनएचएम में बहाल हुए 37 कर्मियों की सेवा समाप्त करने का आदेश दिया था, लेकिन सिविल सर्जन ने से इस मामले में राज्य मुख्यालय से दिशा निर्देश मांगा था। इधर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य सचिव के आदेश के बाद सिविल सर्जन डॉ एसपी मिश्रा ने जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के गत वर्ष बहाल हुए 37 कर्मियों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है। बता दें कि वर्ष 2019 के फरवरी माह में संविदा पर जिला डाटा मैनेजर, ब्लॉड डाटा मैनेजर, फार्मासिस्ट, एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्निशियन, पोषण सलाहकार सहित 16 पदों के लिए बहाल हुए 37 कर्मियों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। यही नहीं, वर्ष 2019 के जनवरी में बहाल हुए आयुष्मान भारत जिला परियोजना समन्वयक की भी सेवा समाप्त की गई है। इस मामले में बरती गई अनियमितता की भी शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता प्रणव प्रसुन झा की ओर से इस मामले में जिला प्रशासन से लेकर राज्य प्रशासन तक कार्रवाई की गुहार लगाई गई थी। इस मामले में भी स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया था।



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