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डायन-बिसाही के नाम पर झारखंड में हर साल 50 हत्याएं, अंधविश्वास के नाम पर अपने ही ले रहे जान

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रांची: झारखंड में अंधविश्वास के नाम पर हत्याओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में गुमला के कामडारा में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या डायन-बिसाही के आरोप में कर दी गई। वहीं राजधानी रांची से सटे कांके में भी एक दिन पहले दंपती की हत्या कर दी गई। झारखंड पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2015 से 2020 के इन पांच वर्षों में डायन-बिसाही के नाम पर 250 लोगों की हत्या कर दी गई। इस अवधि में डायन-बिसाही से जुड़े कुल 4660 मामले राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज किए गए। कई मामलों में तो हत्यारों ने मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा। इन घटनाओं का सबसे दुखद पहलू यह है कि ज्यादातर मामलों में गांव वालों ने एकजुट और एकमत होकर ये हत्याएं कीं। पीडि़त रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन कल तक उनके साथ हंसने-बोलने-खेलने वालों ने ही बर्बरता पूर्वक जान ले ली। जिन इलाकों में डायन-बिसाही में हत्या की घटनाएं हुई हैं, वहां ग्रामीण अशिक्षा और अंधविश्वास की गिरफ्त में जकड़े हैं। कई मामलों में संपत्ति हड़पने के लिए भी डायन-बिसाही का आरोप लगा पूरे परिवार की हत्या कर देने के मामले सामने आए हैं।



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