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Oxygen पर बवाल: केंद्र केवल डाटा संग्रह करता है जिसे राज्य सरकारें भेजती हैं, मोदी सरकार ने फिर किया साफ

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कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश ने आक्सीजन और अस्पताल में बिस्तरों समेत दवाइयों व अन्य जरूरी सामान की किल्लत को झेला है। कल से यह मुद्दा बहस का विषय बना हुआ है कि देश में आक्सीजन की कमी से मौतें हुई हैं। मामले में केंद्र ने स्पष्टीकरण दिया और कहा है कि राज्यों से संक्रमण के आंकड़े भेजे जाते हैं, जिनका कलेक्शन केंद्र करता है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु की ओर से कहा गया है कि वहां आक्सीजन की किल्लत के कारण एक भी मौत नहीं हुई। आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा, ' सदन में कल आक्सीजन की कमी से हुई मौत पर सवाल पूछा गया था। इस पर जो जवाब मिला उसमें तीन चीजें ध्यान देने योग्य हैं। पहला- केंद्र कहती है कि स्वास्थ्य राज्यों का विषय है। दूसरा- केंद्र कहती है कि हम सिर्फ राज्यों के भेजे डेटा को संग्रहित करते हैं और तीसरा- हमने एक गाइडलाइन जारी किया है, जिसके आधार पर राज्य अपने मौत के आंकड़ों को रिपोर्ट कर सकें।'भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा, 'किसी भी राज्य ने आक्सीजन की कमी को लेकर हुई मृत्यु पर कोई आंकड़ा नहीं भेजा। किसी ने ये नहीं कहा कि उनके राज्य में आक्सीजन की कमी को लेकर मौत हुई है। चाहे महामारी, चाहे वैक्सीन का विषय हो हर विषय में झूठ बोलना, हर विषय में भ्रम फैलाना और हर विषय में लोगों को बरगलाना, ये राहुल गांधी जी ने एक ट्विटर ट्रोल के रूप में काम करते हुए किया है।' संबित पात्रा ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया से संबित पात्रा ने सवाल किया और कहा कि आप दोनों बताएं कि क्या आपकी सरकार ने केंद्र को जो आंकड़े दिए हैं उसमें से एक भी मरीज की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है ऐसा लिखकर दिया है क्या?' उन्होंने कहा, 'न्यायाधीशों के सामने महाराष्ट्र सरकार ने माना है कि किसी प्रकार से कोई मृत्यु ऑक्सीजन के कारण नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ जहां कांग्रेस की सरकार है वो खुद कह रही है कि हमारे राज्य में एक भी मृत्यु ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है।'



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